जानवरों का खाना इंसानों को बेचती मिली तिल्ली फैक्ट्री, कलेक्टर बोले ओ..हो.. इन पर NSA की कार्रवाई करेंगे

तिल्ली फैक्ट्रियों पर छापामार कार्रवाई। फैक्ट्रियां की सील। कलेक्टर के नेतृत्व में गिरवाई क्षेत्र में एंटी माफिया अभियान के तहत की गई कार्रवाई।

एंटी माफिया अभियान (Anti mafia campaign) के तहत छापामार कार्यवाही में पशु आहार बनाने के नाम पर इंसान की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। बुधवार को कलेक्‍टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह (Gwalior Collector Kaushlendra Vikram Singh) के नेतृत्व में बुधवार को गिरवाई क्षेत्र में तिल्ली फैक्ट्रियों (Spleen Factory) पर छापामार कार्रवाई की गई। पांच बड़ी तिल्‍ली फैक्ट्रियों में गड़बड़ी पाई गई। उन्हें सील कर दिया गया है। एक फैक्ट्री संचालक के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।     

फैक्ट्रियों की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि पशु आहार (Animal Food) बनाने के नाम पर संचालित तिल्‍ली फैक्ट्रियां तिल्‍ली का खराब तेल बनाकर दुकानों पर बेचते हैं। जब जांच दल ने इस बात की जानकारी कलेक्‍टर को दी तो कलेक्‍टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह भी मौके पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर कलेक्‍टर के मुंह से भी ओह… निकल गई। कलेक्‍टर ने इन तिल्‍ली फैक्ट्री संचालकों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) की कार्यवाही करने की बात की है।   

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार, सतीश अग्रवाल के नाम से मैसर्स हिमानी शिवानी कैटल फीड फैक्ट्री में अखाद्य पशु आहार बनाए जाने की बात की गई, लेकिन जिला प्रशासन ने जब पड़ताल की तो पता चला कि यहां से तिल्ली का खराब तेल बना कर दुकानों पर बेचा जाता था।  

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गिरवाई थाना प्रभारी को फैक्ट्री मालिक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम करने को कहा है। उन्‍होंने कहा कि यह इंसान के जीवन व स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में फैक्ट्री मालिक के खिलाफ सख्‍त से सख्‍त कार्रवाई की जाएगी। 

खाद्य सुरक्षा विभाग की एक अन्य टीम ने गिरवाई क्षेत्र में ही स्थित ओम साँई गृह उद्योग पर छापामार कार्रवाई की। इस फैक्ट्री में गोवा गुटखा के रैपर में बच्चों के पॉपकॉर्न व नमकीन इत्यादि सामग्री पैक कर बेचने के लिए रखी मिली। अनियमितता पाए जाने पर फैक्ट्री संचालक के खिलाफ खाफ सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही जांच के लिए नमूने भी लिए गए हैं।

इसी तरह खाद्य विभाग के एक अन्य दल ने बाराघाटा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जीडीपी एग्रो एण्ड फूड प्रोडक्ट प्रा.लि. पर छापामार कार्रवाई की। इस फैक्ट्री से खाद्य विभाग की टीम ने सरसों, तिली, मेज, स्टार्च इत्यादि खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। साथ ही लगभग 5 लाख रूपए कीमत की 4500 किलोग्राम से अधिक तिली एवं 300 किलोग्राम मेज स्टार्च जब्त किया है। बाराघाटा क्षेत्र में ही जोधपुर मिष्ठान भण्डार की फैक्ट्री पर भी खाद्य सुरक्षा की टीम द्वारा छापामार कार्रवाई की गई। इस फैक्ट्री से मावा रोल, काजू कतली, हल्दी पाउडर इत्यादि मिठाइयों के सैंपल लिए। साथ ही खराब अवस्था में मिला लगभग 60 किलोग्राम नारियल पाउडर नष्ट कराया।

खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने हजीरा क्षेत्र में स्थित पशु आहार निर्माण करने वाली एक फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया। इस फैक्ट्री से भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए एवं खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

डिप्टी कलेक्टर एवं अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन संजीव खेमरिया के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, सतीश धाकड़, श्रीमती निरूपमा शर्मा, लखनलाल, रवि कुमार शिवहरे, लोकेन्द्र सिंह व सतीश शर्मा सहित अन्य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

जिला प्रशासन की कार्रवाई से गिरवाई क्षेत्र में हड़कंप  

गिरवाई क्षेत्र में तिल्ली फैक्ट्रियों के खिलाफ पहली बार प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है। पहले भी कई बार तिल्‍ली फैक्ट्रियों में अनियमितता सामने आई है। कई बार फैक्ट्रियां सील भी हुई हैं, लेकिन प्रशासन के जिम्‍मेदार अधिकारियों की मिलीभगत और नाकामी का फायदा उठाकर फिर से संचालित होने लगती हैं।

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