PMT घोटाला : चिरायु मेडिकल कॉलेज के संचालक सहित 60 के खिलाफ सीबीआई ने पेश किया चालान





तत्कालीन डीएमई तथा 27 लड़कियों के खिलाफ भी चालान पेश

राजेंद्र तलेगांवकर, द ग्वालियर। सीबीआई ने भोपाल से प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2011 में हुए पीएमटी घोटाले में चिरायु मेडिकल कॉलेज के संचालक डा अजय गोयनका, तत्कालीन डीएमई डा.एससी तिवारी व डीन डा.एनएम तिवारी सहित 60 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिया है। सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया इस चालान में सरकारी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अपराध में अलग से धाराएं लगाई गई हैं। सरकारी कोटे की सीटों को खाली कराकर बेचे जाने के इस मामले में न्यायालय द्वारा पांच पांच आरोपियों को कोर्ट में बुलाया जाएगा।
न्यायालय ने चालान को स्वीकार करने के लिए 28 जनवरी की तारीख तय की है। विसलब्लोअर आशीष चतुर्वेदी ने इस मामले की शिकायत की थी जिस पर पुलिस द्वारा की गई जांच में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में कोटे की सीटों को लेकर हो रहे घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में पता चला कि चिरायु मेडिकल कॉलेज में शासन के कोटे की 63 सीटों में से 47 सीटों को गलत तरीके से खाली कराते हुए इन्हें अवैध तरीके से बेच दिया था इसके बदले में चिरायु मेडिकल कॉलेज ने लाखों रुपए की वसूली की थी।
बिना काउंसलिंग के मिल गया प्रवेश
चिरायु मेडिकल कॉलेज द्वारा इस मामले में ऐसे छात्रों को प्रवेश दिया गया था जिन्होंने काउंसलिंग में भाग नहीं लिया था। इस मामले में एसआईटी तीन लोगों के खिलाफ चालान पेश किया था बाद में जब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह मामला सीबीआई के पास आया तक सीबीआई ने इस मामले में 57 नए आरोपी खोज निकाले और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।
4000 से अधिक पेज का चालान
सीबीआई ने सभी 60 आरोपियों के खिलाफ 4000 से अधिक तेज का चालान पेश किया है। मामले में अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए विशेष न्यायालय को पांच पांच आरोपियों को सुनवाई के लिए कोर्ट में बुलाए जाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में जिन्होंने सीट छोड़ी और जिन्होंने उस सीट पर प्रवेश लिया है सीबीआई ने दोनों को ही आरोपी बनाया है। आरोपियों में 27 लड़कियां भी शामिल है।
आशीष चतुर्वेदी ने भी पेश किए दस्तावेज
सीबीआई द्वारा चालान पेश किए जाने के साथ ही विसलब्लोअर आशीष चतुर्वेदी ने भी अदालत ने एक बंद लिफाफे में कुछ दस्तावेज न्यायालय को सौपे हैं। सीबीआई के अधिवक्ता भारत भूषण शर्मा ने कहा कि सीबीआई ने भादासर की धारा 420, 468, 471 ,120, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 तथा परीक्षा अधिनियम के तहत यह चालान पेश किया है।
ऐसे होता था घोटाला
भोपाल के प्राइवेट चिरायु मेडिकल कॉलेज ट्रस्टी गोयंका द्वारा प्रवेश कैसे मेधावी छात्रों को पीएमटी परीक्षा जलाई जाती थी जो पूर्व से मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कर रहे होते थे। जब वह मेधावी छात्र पीएम के पास कर लेता था तो उसके दस्तावेज निकलवा कर उसे काउंसिलिंग में शामिल कराया जाता था। इस फर्जीवाड़े में जीआर मेडिकल कॉलेज का बाबू परमानंद वाधवा मदद करता था। कॉलेज में सरकारी कोटे की सीट पर यह छात्र प्रवेश लेते थे एवं काउंसलिंग खत्म होने के बाद आखरी समय पर अपना प्रवेश निरस्त करा लेते जिससे सरकारी कोटे की सीट खाली होने पर उसे बड़ी कीमत में बेचा जाता था।

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