दुष्कर्म के आरोपी फिजियोथेरेपिस्ट का जमानत आवेदन खारिज

महिला में फिजियोथेरेपी के दौरान बलात्कार किए जाने का लगाया है आरोप। जमानत आवेदन को विशेष न्यायाधीश ने किया खारिज।

द ग्वालियर। दुष्कर्म के आरोपी (Accused of rape) फिजियोथेरेपिस्ट (Physiotherapist) ज्ञानेंद्र गौतम के जमानत आवेदन को विशेष न्यायाधीश (Special judge) ने खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि आरोपी एवं पीड़िता के डॉक्टर एवं मरीज के संबंधों को देखते हुए आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

तानसेन नगर निवासी ज्ञानेंद्र गौतम ने न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं। न्यायालय में प्रकरण के तथ्यों को देखते हुए एवं अतिरिक्त लोक अभियोजक द्वारा जमानत का विरोध किए जाने के बाद आरोपी के आवेदन को खारिज कर दिया। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

यह है मामला

प्रकरण के तथ्य इस प्रकार बताए जाते हैं कि पीड़िता जोकि अपने माता-पिता से अलग होकर किराए के मकान में निवास करती है। उसके पिता मजदूरी करते हैं एवं मां गृह कार्य करती है। पीड़िता का विवाह उसकी मर्जी के खिलाफ उसके माता-पिता ने शिवपुरी में करा दिया था। पीड़िता की रजामंदी न होने से दोनों के बीच तलाक हो गया था। पीड़िता की मुलाकात एक एनजीओ कार्यकर्ता से हुई। बाद में वह उसके काम करने लगी। पीड़िता के पीठ में 3 माह से दर्द हो रहा था।

इस पर वह बड़े अस्पताल पहुंची यहां से डॉक्टर ज्ञानेंद्र गौतम का किसी ने मोबाइल नंबर दिया। डॉक्टर से फोन पर बात के बाद उसे क्लीनिक पर बुलाया। आरोपी डॉक्टर ने दो दिन की दवा के अलावा 10 दिन तक फिजियोथेरेपी के लिए आने का परामर्श दिया। 28 अक्टूबर 20 को जब वहां तानसेन नगर स्थित क्लीनिक पहुंची, जहां आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया। आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसका गला काट देगा। पीड़िता ने यह बात एनजीओ चलाने वाली महिला को बताई, जिस पर उसने अन्य महिलाओं के साथ जाकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

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