महीने में 50 लाख से ज्या्दा टर्नओवर वाले व्यबवसायों को 1% जीएसटी कैश भरने का विरोध, चेम्बर ने कहा ये फैसला ईमानदार व्यवसायियों पर कुठाराघात

केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को लिखा चेम्बर ने पत्र, फैसला वापस लेने की मांग

द ग्‍वालियर। जाली बिल के जरिए टैक्‍स चोरी रोकने के लिए सरकार ने महीने में 50 लाख रूपए से ज्‍यादा का कारोबार होने पर 1 प्रतिशत जीएसटी नगद जमा करने निर्णय लिया है। वित्‍त मंत्रालय के इस निर्णय का अब व्‍यापारिक संगठन विरोध करने उतर आए है।

ग्‍वालियर में व्‍यापारियों की सबसे बडी संस्‍था चेम्‍बर ऑफ कॉमर्स (MPCCI) ने इस फैसले का विरोध किया है। चेम्‍बर के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को पत्र लिखते हुए कहा है कि कुछेक गलत व्यापारियों के कारण 99% व्यवसाईयों की ईमानदारी पर यह कुठाराघात है। देश में काफी सारे व्यापार इस प्रकार के हैं, जिनके अंदर 1% कर भी बहुत बड़ी लायबिलिटी के रूप में मानी जाती है ।

एमपीसीसीआई अध्यक्ष-विजय गोयल, संयुक्त अध्यक्ष-प्रशांत गंगवाल, उपाध्यक्ष-पारस जैन, मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-ब्रजेश गोयल एवं कोषाध्यक्ष- बसंत अग्रवाल पदाधिकारियों ने केन्द्रीय मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से पुरजोर माँग की है कि एक माह में 50 लाख रुपये से अधिक का कारोबार होने पर 1% जीएसटी नगद जमा करने संबंधी नये नियम-86बी को वापिस लिया जाए, ताकि देश के 99% कारोबारियों को इस कारण होने वाली अव्यवहारिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े ।

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