अब भाजपा ढहाएगी बहुमंजिला इमारतें और मुक्त कराएगी सरकारी जमीन

दीवाली के बाद प्रदेश भर में चलेगा एंटी माफिया अभियान, बना ली रणनीति। कांग्रेस सरकार ने भाजपा नेता और समर्थकों को बनाया था निशाना। सत्ता बदली तो अब भाजपा चलाएगी एंटी माफिया अभियान।

द ग्वालियर। अवैध बहुमंजिला भवन, होटल, मॉल ढहाने, रेत माफिया के गिरेबां पकड़ने और मिलावटखोरों की नींद हराम कर सुर्खियों में रही मध्यप्रदेश की पूर्व कमलनाथ सरकार के बाद अब इसी रास्ते पर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान चलेंगे। दीपावली के बाद ग्वालियर सहित प्रदेशभर में एंटी माफिया अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले, नियमों को ठेंगा दिखकर बहुमंजिला इमारतें बनाकर अवैध कमाई करने वाले, मिलावटखोर सहित अवैध रूप से अन्य कारोबार करने वाले निशाने पर रहेंगे। यह अभियान जिला प्रशासन, पुलिस व नगर निगम प्रशासन द्वारा संयुक्त टीम बनाकर चलाया जाएगा।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ग्‍वालियर संभागायुक्त व नगर निगम प्रशासक, जिला कलेक्टर सहित अन्य जिम्मेदार अफसरों को अपनी मंशा से अवगत करा दिया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद संभागायुक्त व नगर निगम प्रशासक आशीष सक्सेना की अध्यक्षता में बाल भवन में बैठक हुई। सक्सेना ने पुलिस महानिरीक्षक अविनाश शर्मा, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी तथा निगमायुक्त संदीप माकिन को प्रदेश की भाजपा सरकार के अभियान से अवगत कराया।

सक्सेना ने निर्देश दिए कि शहर में किसी भी प्रकार से अवैध आय अर्जित करने वालों एवं आमजन को परेशान करने वालों, खाद्य सामाग्री में मिलावट कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान की रणनीति बना ली जाय। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों की सूची बना ली जाए। पुलिस महानिरीक्षक शर्मा ने कहा कि समाज में रहकर जो लोग विभिन्न प्रकार के अपराध कर रहे हैं और पैसे कमा रहे हैं उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करनी है। इस अभियान में रेत माफिया, भू-माफिया, खाद माफिया, मिलावटखोर, चिटफंट कंपनी संचालक सहित अवैध धंधा करने वाले निशाने पर रहेंगे। कलेक्टर ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम सहित अन्य विभागों की टीमें गठित की जाएंगी।

कुकरेजा सहित अन्य माफिया रहे थे निशाने पर

पूर्व कांग्रेस सरकार ने एंटी माफिया अभियान चलाया था, जो सुर्खियों में रहा था। इस अभियान में न केवल खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसा था, बल्कि ग्वालियर में कई बिल्डिंगों को गिराया था। करोड़ों रुपए की सरकारी जमीनें मुक्त कराई थीं। हालांकि निगम प्रशासन ने कई अवैध भवनों को छोड़ दिया था, जिससे कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए थे। रेत माफिया, शराब माफिया के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी। अब देखना है कि पूरे बहुमत से सत्ता में लौटे शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों पर प्रशासन कितना अमल करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!