स्वच्छता रैकिंग प्रभावित हुई तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई : निकुंज श्रीवास्तव

ग्‍वालियर-चंबल संभाग के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर की स्वच्छता सर्वेक्षण एवं विकास कार्यों की समीक्षा।  

द ग्वालियर। बेहतर स्वच्छता रैकिंग के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था लागू करें। शासन द्वारा साफ-सफाई के लिए धनराशि सहित पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं, इसलिए इसमें किसी तरह की ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी। जिन नगर पालिका व नगर परिषदों में सफाई व्यवस्था में ढ़िलाई सामने आई तो वहां के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ग्वालियर एवं चंबल संभाग की सभी नगर पालिका एवं नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक में साफ-सफाई एवं विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान आयुक्त नगरीय प्रशासन निकुंज श्रीवास्तव ने निर्देश दिए।

बुधवार को ग्‍वालियर के बाल भवन में आयोजित बैठक में आयुक्त नगरीय प्रशासन निकुंज श्रीवास्तव ने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से चर्चा कर हर नगरीय निकाय की स्वचछता सर्वेक्षण तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यदि किसी नगरीय निकाय की वजह से प्रदेश की स्वच्छता रैकिंग प्रभावित हुई तो वहां के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्‍होंने समीक्षा के दौरान जिन नगरीय निकायों के स्वच्छता के काम में ढ़िलाई सामने आई वहां के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही भोपाल से आए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय निकायों के सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण के संबंध में व्यापक प्रशिक्षण दें और इसके बाद विधिवत परीक्षा भी लें। जिन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के 35 प्रतिशत से कम नम्बर आएं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

नगरीय प्रशासन आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता रैकिंग को बेहतर बनाने के लिए हर नगरीय निकाय में डोर टू डोर और सूखे व गीले कचरे का अलग-अलग संग्रहण कर कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित करें। साथ ही बाजारों में दो बार सफाई हो। प्लास्टिक पॉलीथिन के उपयोग को हतोत्साहित करें। सभी परिवार शौचालयों का इस्तेमाल करें। सार्वजनिक शौचालय साफ-सुथरे रहें और उनमें सभी आवश्यक व्यवस्थायें रहें।

संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना ने बैठक में कहा कि हर घर से कचरा लिया जा सके, इसलिये नगरीय निकायों में उपलब्ध वाहनों को दो पालियों में चलाएं। इसके लिए अलग-अलग वाहन चालकों की व्यवस्था करें, जिससे संसाधनों का भरपूर इस्तेमाल कर कचरे का निपटान किया जा सके।

बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, अपर आयुक्त नगरीय विकास सुश्री मीनाक्षी सिंह व उप संचालक नीलेश दुबे सहित भोपाल से आए अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। 

बैठक में इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा

ग्वालियर एवं चंबल संभाग के नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत सहित पेयजल व सीवरेज परियोजना, मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना के कार्य, प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना की लक्ष्यपूर्ति, डिजिटल अभियान व राजस्व की वसूली की समीक्षा की गई। साथ ही भवन अनुज्ञा के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण, ई-नगर पालिका के मॉड्यूल्स को निकायों में लागू करना, दीनदयाल रसोई योजना, आश्रय स्थलों का संचालन तथा सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा भी नगरीय प्रशासन आयुक्त ने की। उन्होंने सभी योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए विशेष प्रयास करने पर बल दिया।

मुख्यालय पर न रहने वाले सीएमओ के खिलाफ होगी कार्रवाई

नगरीय प्रशासन आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिन निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुख्यालय पर नहीं रहते हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी जिलों के पीओ ड्यूडा (जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी) से ऐसे मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के नाम मांगे हैं। साथ ही हिदायत दी कि यदि किन्हीं अन्य सूत्रों से मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के मुख्यालय से नदारद रहने की सूचना मिली तो पीओ ड्यूडा के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

संभाग आयुक्त हर बुधवार को करेंगे मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से चर्चा

संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना ने कहा कि हर बुधवार को अपरान्ह 4.30 बजे गूगल मीट के जरिए वे संभाग की सभी नगर पालिका एवं नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से चर्चा कर स्वच्छता सर्वेक्षण एवं विकास गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।

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