GRMC डीन एवं JAH अधीक्षक ने टीका लगवाकर दिया सकारात्मक संदेश

द ग्‍वालियर। रघुवीर बाल्मीकि के बाद जेएएच के वैक्सीनेशन सेंटर में जीआर मेडीकल कॉलेज के डीन डॉ. एस एन अयंगर ने कोरोना टीका लगवाया। इसी कड़ी में जेएएच अधीक्षक डॉ. आर एस धाकड़ टीका लगवाने पहुँचे। दोनों वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना था कि यह टीका वैज्ञानिकों के कठिन परिश्रम का नतीजा और पूरी तरह सुरक्षित है।

डॉक्‍टर्स ने कहा कि टीका लगने से पहले हमें जैसा महसूस हो रहा था वैसा ही टीका लगने के बाद लग रहा है। किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आई। यह टीका भी आम इंजेक्शन की तरह है। इसलिये सभी बेझिझक इस टीके को लगवाकर वैश्विक माहामारी कोरोना को हराने में अपना योगदान दें। यदि हम टीका नहीं लगवायेंगे तो अपने लिये ही नहीं औरों के लिये भी घातक बन सकते हैं।

जेएएच के डॉ देवेन्द्र कुशवाह, डॉ  प्रवेश मंगल व डॉ प्रवेश भदौरिया ने टीके लगवाए। इसके बाद पूर्व से पंजीकृत अन्य चिकित्सकीय स्टाफ का टीकाकरण किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में पहले सप्ताह में लगभग 1600 स्वास्थ्य कर्मियों को ऑनलाईन सूचना के जरिए टीकाकरण के लिये बुलावा भेजा गया है।

यहाँ भी लगे शनिवार को मंगल टीके

दुनिया के सबसे बड़े कोरोना टीकाकरण अभियान के शुभारंभ के लिये जिले में 6 टीकाकरण केन्द्र बनाए गए थे। ग्वालियर में जेएएच के अलावा जिला चिकित्सालय मुरार, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डबरा व भितरवार, थल सेना अस्पताल और वायुसेना के अस्पताल में बनाये गए कोरोना टीकाकरण केन्द्र में भी शनिवार को मंगल टीके लगाकर लोगों को कोविड से बचाव के लिए सुरक्षा कवच पहनाया गया। जिला चिकित्सालय मुरार में डॉ. विपिन गोस्वामी, भितरवार में स्टाफ नर्स श्रीमती नेहा दिवेदी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डबरा में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर राकेश गुप्ता को पहला टीका लगाया गया।

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