ग्वालियर व्यापार मेले पर भी कोरोना का साया, चेंबर ने की एहतियात के साथ लगाने की मांग

चेंबर ऑफ कॉमर्स ने लिखा मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र। मेले में प्रतिवर्ष करीब ढाई हजार छोटे-बड़े व्‍यापारी हर साल आते हैं।

द ग्‍वालियर। व्‍यापारियों की सबसे बडी संस्‍था चेंबर ऑफ कॉमर्स (Madhya Pradesh Chamber Of Commerce Gwalior) ने मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) से कोरोना (Covid-19) एहतियात के साथ माधवराव सिंधिया ग्‍वालियर व्‍यापार मेला (Madhav Rao Scindia Vyapar Mela) इस बार भी लगाए जाने की मांग की है।

चेंबर की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मेले में करीब ढाई हजार छोटे-बड़े व्‍यापारी हर साल आते हैं। इस बार कोरोना की वजह से व्‍यापारी वर्ग खासा परेशान रहा है। हजारों व्‍यापारियों की आस अब इस ग्‍वालियर व्‍यापार मेले से है, इसलिए 114 साल से लगातार वर्षो से लग रहा ग्‍वालियर व्‍यापार मेला इस बार भी लगाया जाए। हालांकि कोरोना से बचाव के लिए मेला में इंतजाम किए जाने की भी बात चेंबर द्वारा की गई है।

संचालक मंडल भंग इसलिए मुख्‍यमंत्री से मांग

कांग्रेस सरकार गिरने के बाद ग्‍वालियर व्‍यापार मेले का संचालक मंडल मार्च 2019 में भंग हो गया था। इस कारण मेला लगाया जाए या नहीं इसका फैसला नहीं लिया जा सका है, जबकि मेला लगाए जाने के लिए तैयारियां हर साल अगस्‍त महीने से ही शुरू हो जाती है। यही वजह है कि चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा यह मांग की गई है।

सीएम के साथ सिंधिया व मंत्री और सांसद को भी लिखा पत्र

चेंबर ऑफ कॉमर्स ग्‍वालियर के अध्यक्ष-विजय गोयल, संयुक्त अध्यक्ष प्रशांत गंगवाल, उपाध्यक्ष पारस जैन, मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव ब्रजेश गोयल एवं कोषाध्यक्ष बसंत अग्रवाल द्वारा मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ साथ केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और सांसद विवेक नारायण शेजवलकर को भी लिखा हैं। पत्र में कहा गया है कि हजारों व्यापारियों का रोजगार सिर्फ मेले के ऊपर ही निर्भर रहता है|

ग्‍वालियर व्‍यापार मेला एक नजर में

-ग्वालियर व्यापार मेला सिंधिया राजवंश द्वारा 114 वर्ष पुराना व्यापार मेला है जो प्रतिवर्ष दिसंबर माह से प्रारंभ होकर फरवरी माह तक चलता है।

-मेला में हर साल ढाई हजार छोटे-बड़े व्‍यापारी भाग लेते हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ म.प्र. के दूरस्थ क्षेत्रों के लोग इसे देखने आते हैं।

-मेले की भव्यता बनाए रखने के लिए मध्‍य प्रदेश में 15 महीने रही कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2019 में ग्वालियर व्यापार मेला में बिकने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट भी दी थी, जिसकी वजह से 1100 करोड़ रूपये का कारोबार व्यापार मेला में हुआ था।

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