डकैती के आरोपियों को तमिलनाडु से नहीं लाने पर टीआई के खिलाफ अवमानना याचिका पेश

मध्‍य प्रदेश उच्‍च न्‍यायालय खंडपीठ ग्‍वालियर ने 2016 में आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के लिए थे आदेश।

द ग्वालियर। 32 साल पहले उपनगर ग्वालियर में हुए डबल मर्डर एवं डकैती के मामले में न्यायालय के आदेश के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार कर पेश नहीं किए जाने पर पड़ाव थाना प्रभारी के खिलाफ उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका प्रस्तुत की गई है।

इस हत्याकांड एवं डकैती के मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर मृतक के पुत्र द्वारा हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी। इस याचिका पर उच्च न्यायालय ने वर्ष 2016 में पुलिस को आदेश दिए थे कि आरोपियों को गिरफ्तार कर पेश किया जाए, लेकिन पुलिस ने आदेश का पालन नहीं किया।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आरके सोनी एवं अभिषेक बिंदल का कहना था कि इस मामले के आरोपी तमिलनाडु की जेल में बंद है फिर भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने नहीं जा रही है। अधिवक्ताओं का कहना था कि इस मामले में पुलिस द्वारा दिलचस्पी नहीं लिए जाने के कारण किसी आरोपी को सजा नहीं हो सकी। उपनगर ग्वालियर के सोडा कुआं क्षेत्र में 6 मई 1988 को रमेश चंद्र गोयल के घर पर सशस्त्र डकैती पड़ी थी, जिसमें डकैतों में रमेश चंद्र एवं उनकी पत्नी बसंती  गोयल की हत्या कर दी थी।

डकैत उनके घर से लाखों के सोने चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने आरोपियों से जेवर बरामद किए थे। यह जेवर माल खाने से गायब हो चुके हैं। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में यह आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो गए। बाद में पुलिस को पता चला कि आरोपी तमिलनाडु की जेल में बंद है, लेकिन पुलिस ने उन्हें ग्वालियर लाने का कोई प्रयास नहीं किया।

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