आरक्षक भर्ती घोटाला: दो भाइयों को पांच साल की सजा

बडे भाई को आरक्षक बनवाने छोटे भाई ने दी परीक्षा,दोनो भाईयों को पांच साल की सजा

द ग्वालियर। छोटा भाई आरक्षक था वो चाहता था कि उसका बडा भाई भी आरक्षक बन जाए। लिहाजा व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आरक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में छोटे भाई ने बडे भाई की जगह परीक्षा दी, लेकिन ये जालसाजी पकडी गई। अब आरक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी दोनों भाइयों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सजा के साथ साथ आरक्षक अनिल भदौरिया और उसके भाई सुनील भदौरिया को 37-37 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित करते हुए दोनो को सजा भुगतने जेल भेज दिया है।
विशेष न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले की सुनवाई की। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपियों का कहना था कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है, उनकी युवा अवस्था को देखते हुए उन्हें कम से कम सजा दी जाए। इस मामले में सीबीआई के अधिवक्ता चंद्रपाल ने कहा कि आरोपियों ने इस घोटाले के जरिए योग्य उम्मीदवार के हक को छीनने का प्रयास किया है। आरोपियों का अपराध बहुत गंभीर है इसलिए उन्हें कठोर सजा सुनाई जानी चाहिए। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद दोनो भाईयों को पांच पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

फोटो मिसमैच से पकड में आया था मामला
सुनील भदौरिया गोला का मंदिर हनुमान कॉलोनी का निवासी है। 30 सितंबर 2012 को व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आरक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में एक परीक्षा केन्द्र में सुनील भदौरिया ने खुद परीक्षा दी थी जबकि दूसरे परीक्षा केन्द्र पर सुनील के स्थान पर उसका भाई अनिल परीक्षा मेें बैठा था। हरिदर्शन स्कूल में परीक्षा के दौरान जब फोटो का मिलान हो रहा था तब अनिल का चेहरा उसके फॉर्म से मैच न होने पर उसे मौके पर ही पकड लिया। इस दौरान केन्द्राध्यक्ष ने अनिल को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी। उन्होंने यह अनुमति फोटो में थोडा अंतर होने के कारण दी थी। लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद जब जांच की तब इस बात का खुलासा हुआ कि एक ही व्यक्ति जिसने दो जगह फॉर्म भरे थे वह एक ही समय में दो स्थानों पर कैसे परीक्षा दे सकता है। मामला पकड में आने पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। बाद में यह मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *