थके-हारे कमलनाथ के दुस्साहस की पराकाष्ठा है वचन-पत्र : राकेश सिंह

कमलनाथ ऐसे पहले मुख्यमंत्री थे जिन्होंने संविधान के विरोध में रैली निकाली। कमलनाथ एक ऐसे मुख्यमंत्री हुए, जिन्होंने प्रदेश की जनता को लिखित में धोखा दिया है।

द ग्वालियर। कांग्रेस द्वारा उपचुनावों के सिलसिले में जो वचनपत्र जारी किया गया हैं, यह थके-हारे कमलनाथ के दुस्साहस की पराकाष्ठा है, क्योंकि 2018 के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस ने वचनपत्र जारी किया था उनमें एक भी वादा पूरा नहीं किया। देश में कांग्रेस ही एक मात्र पार्टी है जो जनता से किए गए वादे भी भूल जाती है। कमलनाथ को यह समझना चाहिए कि आयु की अधिकता के कारण उन्हें स्मृतिदोष हो सकता है, प्रदेश की जनता को नहीं। प्रदेश की जनता यह अच्छी तरह जानती है कि कमलनाथ एक ऐसे मुख्यमंत्री हुए, जिन्होंने प्रदेश की जनता को लिखित में धोखा दिया है। ग्वालियर-चंबल की जनता भी अब कांग्रेस और कमलनाथ के झांसे में नहीं आने वाली है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं लोकसभा में मुख्य सचेतक राकेश सिंह ने रविवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को भ्रम रहता है कि देश में जनता के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है, यह आज भी इस मानसिकता से उभर नहीं पाए हैं। कमलनाथ सरकार ने 2018 के विधानसभा चुनावों में जो सैकडों वादे जनता से किए थे, एक भी वादा पूरा नहीं किया और 52 नए वादे फिर जनता से कर दिए, यह कांग्रेस और कमलनाथ का दुस्साहस है।

उन्होंने कहा कि श्री कमलनाथ आज कोरोना से अपना जीवन गंवाने वालों को पेंशन देने का वादा कर रहे हैं, लेकिन जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे और कोरोना संकट चरम पर था उन्होंने इसके लिए एक भी बैठक नहीं ली। वह इंदौर में आइफा के लिए बैठकें ले रहे थे। फोटो खिंचवा रहे थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा 2018 में वचन-पत्र पर जनता से जो वादे किए थे उसको क्यों पूरा नहीं किया गया। किसानों को डिफाल्टर किसने किया? युवाओं की उम्मीदों पर किसने पानी फेरा। छात्रों की मेधावी छात्रवृत्ति योजना क्यों बंद की गई? संबल योजना किसने बंद की? बेटियों की स्कूटी किसने छीनी।

उन्होंने कहा कि माफियाओं के नाम पर कमलनाथ ने भाजपा कार्यकर्ताओं का दमन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगातार झूठे मुकदमे दायर किए गए। कमलनाथ का दमनचक्र लगातार 15 महीने जारी रहा। कमलनाथ किस एकजुटता की बात कर रहे हैं, जबकि कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस को बर्बाद करने का काम किया है, क्योंकि वचन-पत्र से दिग्विजय सिंह का चित्र ही गायब कर दिया है। थके कमलनाथ से हम यह पूछना चाहते हैं कि अपने 15 माह के शासन-काल में उन्होंने ग्वालियर-चंबल को क्या 5 मिनिट का भी समय दिया? जयारोग्य में बायपास सर्जरी के लिए पैसा प्रदेश सरकार ने नहीं दिया? चंबल एक्सप्रेस-वे जिससे पूरे ग्वालियर चंबल-अंचल के विकास के दरवाजे खुलते, उसको रोक दिया गया? चंबल का पानी ग्वालियर आने से रोका गया? चंबल में जब बाढ़ आई तो कमलनाथ के लिए चंबल के किसानों के लिए समय नहीं था, जबकि उस समय पूर्व मुख्येमंत्री शिवराज सिंह चैहान एवं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसानों के बीच पहुंचे।

कमलनाथ ने संविधान विरोधी काम किया

राकेश सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता इस बात को कभी भूल नहीं सकती कि भारत के किसी राज्य के एक मात्र मुख्यमंत्री कमलनाथ हुए थे, जिन्होंने सीएए की आड़ में संविधान के विरोध में भोपाल की सड़कों पर खुलेआम रैली निकाली थी, क्योंकि जब कमलनाथ रैली निकाल रहे थे उससे पहले नागरिक संशोधन विधयेक पारित हो चुका था, जबकि कमलनाथ अच्छी तरह से जानते थे वे उसी संविधान की शपथ लेकर मुख्यमंत्री बने थे, जिसकी वे अवमानना कर रहे हैं। इस अवसर पर सांसद विवेक शेजवलकर, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर, जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी, वरिष्ठ नेता जयसिंह कुशवाह, प्रदेश सहमीडिया प्रभारी उदय अग्रवाल, वार्ताकार आशीष अग्रवाल, श्रीमती नीरू ज्ञानी, संभागीय मीडिया प्रभारी पवनकुमार सेन उपस्थित थे।

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