सीआईडी ने जीवाजी यूनिवर्सिटी से शिक्षक भर्ती घोटाले की जानकारी मांगी

उच्‍च न्‍यायालय ग्‍वालियर के आदेश के बाद सीआईडी ने जीवीजी यूनिवर्सिटी की कुलपति को लिखा कठोर पत्र। सहयोग नहीं किया तो की जाएगी एकतरफा जांच।

द ग्वालियर। अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय भोपाल ने जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले से संबंधित मांगी गई जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है। पुलिस द्वारा पत्र में यह भी कहा गया है कि सहयोग न करने की स्थिति में एक पक्षीय जांच कर निर्णय लिया जाएगा ।

 अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा लिखे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि विभाग द्वारा अब तक 17 बार इस घोटाले से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा जांच अधिकारी को अभी तक कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि इस मामले में ग्‍वालियर हाईकोर्ट द्वारा हाल ही में 8 सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं, इसलिए न्यायालय के आदेश के पालन में प्रकरण की जांच पूरी करने के लिए विश्वविद्यालय सहयोग की अपेक्षा है।

जीवाजी विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर वर्ष 2011 से 13 तक नियम विरुद्ध की गई 17 नियुक्तियों को लेकर विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के पूर्व सदस्य राजेंद्र सिंह यादव द्वारा शिकायत की गई थी। इस मामले में कोई जांच न होने पर यह मामला उन्होंने कार्यपरिषद की बैठक में उठाया था, जिस पर कार्यपरिषद ने मामले की जांच सीआईडी से कराए जाने का ठहराव पारित करते हुए मामले को सीआईडी को सौंप दिया था। सीआईडी में जांच प्रारंभ करते हुए विश्वविद्यालय को प्रकरण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तब से 17 बार पत्र लिखा, लेकिन विश्वविद्यालय ने कोई जानकारी नहीं दी। इस कारण इस मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी। मामला फिर हाईकोर्ट में पहुंचने पर कोर्ट ने सीआईडी को 8 सप्ताह में आज पूरी करने के जब आदेश दिए तो सीआईडी में सक्रिय होते हुए फिर एक पत्र लिख दिया है।

इन शिक्षकों को मिली थी नियुक्तियां

डॉ. महेंद्र गुप्ता, डॉ. हरेंद्र शर्मा, डॉ. सुशील मंडेलिया, डॉ. एस पटेल, डॉ. निमिषा जादौन, डॉ. सुमन जैन, डॉ. मुकुल कुमार तेलंग, डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ, डॉ. गणेश दुबे, डॉ. गोपाल कृष्ण शर्मा, डॉ. जनार्दन कुमार तिवारी, डॉ. रामशंकर, डॉ. सुविज्ञ अवस्थी, डॉ. स्वर्णा परमार,  डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. रश्मि दाहिमा, डॉ. नवनीत गरुड की नियुक्ति की गई। यह नियुक्तियां विधि विभाग में 5, फार्मेसी में 5, बॉटनी में 3, मेनेजमेंट में 2 तथा अन्य विभागों में की गई थी।

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