बच्चे स्कूल आ नहीं रहे, फिर भी स्कूलों का शीतकालीन अवकाश निरस्त से क्योे?

स्कूल शिक्षा विभाग के आला अफसरों की मनमर्जी से शिक्षक हैरान। राज्य शिक्षक कांग्रेस ने की अवकाश बहाल की मांग 

द ग्‍वालियर । शिक्षा विभाग ने कक्षा 9 से 12 वी तक के स्कूल नियमित रूप से खोल दिये हैं। कोरोना का संक्रमण अभी भी फैल रहा। इसके डर से पेरेंट्स बच्चों को स्कूल में पढ़ने नहीं भेज रहे। गिने – चुने ही बच्चे आ रहे फिर भी शिक्षा विभाग के आला अफसरों ने 26 दिसंबर से 31 दिसंबर तक का पूर्व घोषित शीतकालीन अवकाश निरस्त कर दिया है।

बच्चों की शंका समाधान के बहाने से अवकाश निरस्त करने के प्रमुख सचिव  शिक्षा विभाग के आदेश का राज्य  शिक्षक कांग्रेस मप्र ने कड़ा विरोध किया है। शिक्षक काँग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राकेश नायक और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजीव पाठक ने कहा है शिक्षक कोरोना काल में भी स्वास्थ्य की परवाह किये बिना विभाग के हर आदेश का पालन कर ड्यूटी कर रहे।

  ऑनलाइन पढ़ा रहे, घर घर भी जाकर पढ़ा रहे। कोरोना के डर से बच्चों को पेरेंट्स स्कूल नहीं भेज रहे। न के बराबर ही बच्चे आ रहे। शीतकालीन अवकाश बच्चों और शिक्षकों दोनो के लिए विभाग के अकादमिक कलेंडर में ही घोषित था। जिसे अचानक निरस्त करना गलत है। संघ ने यह आदेश वापस लेने की मांग की है। शिक्षक संघ का कहना है कि नए वर्ष आने और क्रिसमस पर बच्चे वैसे भी स्कूल नहीं आते। इसलिए शीतकालीन अवकाश जारी रखा जाए। अवकाश निरस्त करना न्यायोचित नहीं है।

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