अर्धनग्न हुए व्यापारी बोले- कोरोना काल में चुनाव हुए, सबकुछ अनलॉक हुआ तो फिर ग्वालियर मेला लॉक क्यो?

द ग्वालियर। 114 साल से लगता आ रहा ग्‍वालियर का माधवराव सिंधिया व्‍यापार मेला इस बार लगेगा या नहीं ? इस सवाल को लेकर सस्‍पेस बना हुआ है। मेला लगाए जाने को लेकर आज कड़ाके की ठंड में सैकड़ों की संख्या में मेला व्यापारियों ने अर्धनग्न होकर मेला प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया।

माधवराव सिंधिया व्यापार मेला व्यापारी संघ के नेतृत्व में व्‍यापारियों ने मेला लगाए जाने की तारीख घोषित किए जाने की मांग की। असल में मेला व्‍यापारी संघ इसलिए नाराज है क्‍योकि प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने मेला 15 जनवरी से लगाए जाने की घोषणा की थी, लेकिन इस घोषणा के बाद अब तक कोई आदेश जारी नहीं किए।

व्‍यापारी अब सवाल कर रहें है कि कोरोना संक्रमण काल में जब चुनाव तक हुए और सबकुछ अनलॉक हुआ तो फिर ग्‍वालियर व्‍यापार मेला को लॉक क्‍यो रखा जा रहा है? वहीं मेला लगाए जाने का श्रेय लेने वाले व्‍यापारिक संगठनों ने सरकार का रूख देखते हुए चुप्‍पी साध ली है।

असमंजस से बढ रहा आक्रोश
अभी हालही में 5 जनवरी को हुई कैबिनेट की बैठक में भी मेला को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस बार मेला लगेगा या कोरोना के कारण टाल दिया जाएगा इस सवाल का स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है। इस असमंजस की स्थिति के कारण मेला में आने वाले व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मेला व्यापारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द मेला की तारीख का ऐलान नहीं हुआ तो उग्र आंदोल किया जाएगा।
कोरोना का तर्क व्‍यापारियों ने किया खारिज
मेला लगाए जाने को लेकर शासन स्तर पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है इसके पीछे वजह कोरोना संक्रमण बताया जाता रहा है। इस तर्क को मेला व्यापारी संघ ने खारिज कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया, उपाध्यक्ष अनिल पुनियानी, सचिव महेश मुदगल सहित संघ के पदाधिकारी व व्यापारियों ने कहा कि संक्रमण काल में सब कुछ बंद था लेकिन अब सब कुछ अनलॉक है तो फिर मेला को लॉक क्यों किया गया है। संघ ने कहा कि व्यापारी कोरोना संक्रमण को लेकर सतर्क है और गाइड लाइन के तहत व्यवस्था किए जाने का वचन भी दिया गया था तो फिर मेला के आयोजन में देरी क्यों हो रही है।

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