सिंधिया, नरोत्तम एवं इमरती देवी के खिलाफ कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट में आवेदन

कोविड-19 की गाइडलाइन के निर्देशों का का पालन नहीं कराने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट से किया निवेदन।

द ग्वालियर। कोविड-19 के उल्लंघन को लेकर ग्‍वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में लंबित जनहित याचिका (PIL) में इंटरविनर बनने के लिए पूर्व असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल विनोद कुमार शर्मा ने आवेदन प्रस्तुत किया है। इस आवेदन के साथ ही गाइडलाइन का उल्लंघन करने फोटो सहित प्रमाण प्रस्तुत कर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा एवं डबरा से भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी के खिलाफ कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए जाने का निवेदन किया गया है।

एडवोकेट विनोद कुमार शर्मा द्वारा प्रस्तुत आवेदन में कोविड-19 का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही किए जाने के निर्देश देने का निवेदन किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि 12 अक्टूबर 2020 के बाद भी नेताओं द्वारा की जा रही नियम विरुद्ध रैली एवं सभाओं पर तत्काल रोक लगाए जाने के निर्देश दिए जाएं, जिससे कि कोविड-19 पर नियंत्रण लगाया जा सके।

इन सभाओं का किया गया है जिक्र

शर्मा द्वारा प्रस्तुत  आवेदन में कहा गया है कि वर्तमान समय में कोरोना महामारी से ग्वालियर में काफी संख्या में लोग पीड़ित हो रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर प्रमुख राजनीतिक दल लगातार चुनावी सभाओं में भीड़ जुटाकर लोगों को संकट में डाल रहे हैं। आवेदन में कहा गया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, डबरा से भाजपा के प्रत्याशी इमरती देवी कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी इन नेताओं को सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे रहे हैं, जिनमें कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है। आवेदन में कहा गया कि 15 अक्टूबर को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा एवं इमरती देवी द्वारा डबरा में सभा की गई एवं उन्होंने ग्वालियर में भाजपा प्रत्याशी मुन्ना लाल के समर्थन में मुरार में सभा की, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 अक्टूबर को ग्वालियर पूर्व में मंडल सम्मेलन को संबोधित किया। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी चुनावी सभाएं ली, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीं किया गया। सभाओं में मंच पर अधिकांश नेता बिना मास्क लगाए नजर आए। सभा में न तो सैनिटाइजर का उपयोग किया गया न हीं अन्य कोई प्रबंध किए गए।

शासन ने पेश की रिपोर्ट

उधर, उच्च न्यायालय में शासन द्वारा कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ की गई कार्यवाही के संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। ग्वालियर में जिला प्रशासन द्वारा एवं एसपी ग्वालियर तथा एसपी दतिया ने यह रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

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