मस्जिदों और घरों में मनाया गया उर्स ए रज़वी

द ग्वालियर। इमामे अहले सुन्नत इमाम अहमद रज़ा खान आला हज़रत रदिअल्लाहु अन्हू का उर्से पाक 14 अक्टूबर बरोज़ बुध को मनाया गया। आला हजरत के उर्से पाक में पूरी दुनिया से तमाम उलमाए अहले सुन्नत शरीक होते थे चूंकि इस साल कोरोना महामारी की वजह से हुक़ूमत की जानिब से इजाज़त नही है इस वजह से घरों और मस्जिदों में उर्से पाक की महफ़िल का एहतेमाम किया गया ।

शहर क़ाज़ी अब्दुल अजीज कादरी ने बताया कि आला हजरत इमाम अहमद रज़ा खां फ़ाज़िले बरेल्वी एक ऐसी शख्सियत का नाम है जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी दीन की खिदमत करते हुए गुज़ारी है आपकी विलादत 14 जून 1856 को बरेली शहर के मोहल्ला जसोली में हुई। अपने अपनी मुक़म्मल तालीम अपने वालिद ए माजिद अल्लामा नक़ी अली खां के पास हासिल की , आला हज़रत ने तक़रीबन 1000 से ज़्यादा किताबें लिखी और तक़रीबन 54 साल फतवे लिखने ज़िम्मेदारी अंजाम दी।ईदगाह जीवाजीगंज में उर्से रज़वी मनाया गया । जिसमे नात शरीफ और तक़रीर पढ़ी गईं और फतेहा के बाद तबर्रुक तकसीम किया गया।

इस मौके पर शहर काजी अब्दुल अज़ीज़ क़ादरी ,हाफिज ज़ाकिर हुसैन,हाफिज सय्यद रफ़ीक़ अहमद, हाफिज मुक़ीम रज़ा, हाफिज अब्दुल कादिर,हाफिज अक़्लीन,हाफिज ताज रज़ा,हाफिज आदिल, हाफिज मज़हर,समद क़ादरी, जावेद खान, नासिर खान, आदि लोग मौजूद थे

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