कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर होगा आपराधिक मामला दर्ज, उपचुनाव में इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्रचार का सुझाव

आदेशों का पालन नहीं कराने पर कलेक्टरों को माना जाएगा अवमानना का दोषी। कोई भी राजनीतिक दल के नेता एवं कार्यकर्ता प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून तथा आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।   

ग्वालियर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर (Madhya Pradesh High Court Bench Gwalior) ने शासन को निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 (Covid-19) को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का तथा चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाए। आदेश का पालन नहीं होने पर मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, अशोकनगर एवं गुना के कलेक्टरों को अवमानना का दोषी माना जाएगा। यदि कोई भी राजनीतिक दल के नेता एवं कार्यकर्ता प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून तथा आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।

न्यायमूर्ति शील नागू एवं न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की युगलपीठ ने आशीष प्रताप सिंह की याचिका पर आदेश दिया है। यह याचिका अधिवक्ता सुरेश अग्रवाल के माध्यम से प्रस्तुत की गई थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल पुरुषेन्द्र कौरव, अतिरिक्त महाधिवक्ता अंकुर मोदी ने शासन का पक्ष रखा। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान न्याय मित्र संजय द्विवेदी, राजू शर्मा, वीडी शर्मा को भी सुना। न्यायालय ने 5 जिलों के कलेक्टरों से आ रही कठिनाइयों की जानकारी भी ली।

न्यायालय ने यह भी दिया है आदेश

  • न्यायालय ने अपने आदेश में सभी राजनीतिक दलों को सलाह दी है कि आगामी उपचुनाव में फिजिकली कैंपेन के बजाय इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग करें।

-किसी भी राजनीतिक दल द्वारा नियमों के विपरीत कार्य किया जाता है तो जिसके नेतृत्व में वह कार्यक्रम आयोजित होना है उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।

-न्यायालय ने न्याय मित्रों संजय द्विवेदी, राजू शर्मा एवं वीडी शर्मा से कहा है कि वे किसी भी उल्लंघन पर न्यायालय को सूचित करेंगे, जिससे कि मामले को तत्काल सुनवाई में लगाया जाएगा।

-न्यायालय ने अपने आदेश को सभी जिलाधिकारियों को भेजे जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसलिए लगाई गई है याचिका

यह याचिका ग्वालियर शहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ने तथा आगामी उपचुनाव को लेकर होने वाले राजनीतिक आयोजनों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होने पर प्रस्तुत की गई है। न्यायालय ने इस याचिका पर न्याय मित्रों को नियुक्त कर उन्हें अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इस पर न्याय मित्रों ने न्यायालय में 2 रिपोर्ट प्रस्तुत की थीं, जिसमें इस बात का खुलासा किया गया था कि शहर में आयोजित कार्यक्रमों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया इन कार्यक्रमों में निर्धारित संख्या से काफी संख्या में अधिक लोग उपस्थित रहे।

न्यायालय में यह कहा कलेक्टरों ने

मामले की सुनवाई के दौरान 5 जिलों के कलेक्टरों ने कहा कि कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए उनके द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।  लोगों में इस संबंध में जानकारी न होने के कारण इसका उल्लंघन हुआ। उनका कहना था कि काफी संख्या में लोगों पर कार्यक्रम में आने से उनके खिलाफ बल प्रयोग करना संभव नहीं था। ऐसे कुछ कदम उठाए जाते तो इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता था।

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