मध्‍य प्रदेश के अनुसूचित-जाति बहुल 1033 ग्राम बनेंगे आदर्श ग्राम, केंद्र से मिले 159.72 करोड़ रुपए

योजना के तहत आंतरिक सड़क निर्माण, नाली निर्माण, स्ट्रीट-लाइट, आंगनवाड़ी भवन, शाला भवन, पेयजल सुविधा जैसे बुनियादी कार्य प्राथमिकता के साथ किए जा रहे।

द ग्वालियर। मध्‍य प्रदेश के 1033 अनुसूचित-जाति बहुल ग्रामों का आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किए जाने के लिए चयन किया गया है। योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से 159 करोड़ 72 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई है।

योजना में चयनित ग्रामों में 994 ग्रामों के विकास के लिए ग्राम विकास योजना तैयार कर ली गयी है। चयनित इन ग्रामों में कन्वर्जेंस के माध्यम से विभिन्न विकास विभागों की योजनाओं को शामिल करते हुए ग्रामों का समुचित विकास किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा इन ग्रामों के विकास के लिए ऐसे काम लिए गए हैं, जो किसी अन्य विभाग द्वारा नहीं किए जा रहे हैं या उनके पास नियमित बजट की कमी है। योजना में प्रति ग्राम 20 लाख रुपए की राशि उपलब्ध करायी गयी है।

प्रदेश के चयनित ग्रामों के विकास के लिए 32 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है। जिन गांव में विकास योजना तैयार कर ली गयी है, उनमें प्रमुख रूप से आंतरिक सड़क निर्माण, नाली निर्माण, स्ट्रीट-लाइट, आंगनवाड़ी भवन, शाला भवन, पेयजल सुविधा जैसे बुनियादी कार्य प्राथमिकता के साथ किए जा रहे हैं। इस योजना में देशभर में जितना काम हुआ है, उसका 24 प्रतिशत काम मध्यप्रदेश में पूरा किया गया है। प्रदेश में योजना का क्रियान्वयन अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। प्रदेश में इस योजना में 31 मार्च, 2022 तक कार्य पूरा किए जाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है।

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